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फर्जी वीजा गिरोह का खुलासा
Madhubani मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट और अवैध विदेशी वीजा गिरोह का पर्दाफाश किया है। घोघरडीहा थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह युवाओं को रूस और खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से अलग-अलग राज्यों और जिलों से जुड़े 62 मूल पासपोर्ट, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह लंबे समय से विदेश भेजने के नाम पर लोगों को अपना शिकार बना रहा था।
वाहन जांच के दौरान हुआ खुलासा
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले में लगातार वाहन जांच और गश्ती अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 6 और 7 सितंबर की मध्य रात्रि करीब 2 बजे घोघरडीहा थाना पुलिस हनुमान चौक के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान शत्रुपट्टी की ओर से बाइक से आ रहे दो युवकों ने पुलिस वाहन देखकर अचानक रास्ता बदलने की कोशिश की। पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को घेरकर पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों की पहचान मो. इरशाद और रफी अहमद के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद काले रंग के बैग से 62 मूल पासपोर्ट, पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पूछताछ में सामने आया पूरा नेटवर्क
पूछताछ में मो. इरशाद ने बताया कि उसके पिता मो. आरजू विदेश भेजने के नाम पर लोगों से पासपोर्ट मंगवाते थे। इसके बाद इन पासपोर्ट को पटना और कानपुर के एजेंटों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए गिरोह के कथित मुख्य सरगना मो. आरजू और ग्रामीण डाक सेवक मो. अदनान हुसैन को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, मो. आरजू ने पूछताछ में बताया कि वह रूस में रहने के दौरान अंतरराष्ट्रीय एजेंटों के संपर्क में आया था। आरोप है कि वर्ष 2024 से वह डाककर्मी की मदद से विदेश जाने के इच्छुक लोगों से पासपोर्ट मंगवाता था और प्रति पासपोर्ट करीब दो लाख रुपये तक वसूल करता था।
फर्जी दस्तावेजों से विदेश भेजने का आरोप
जांच में पुलिस को आशंका है कि गिरोह टूरिस्ट वीजा के जरिए लोगों को अवैध तरीके से विदेश भेजने का काम कर रहा था। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार कर विदेश भेजने का नेटवर्क चलाने की बात भी सामने आई है। घोघरडीहा थाने में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े पटना और कानपुर के अन्य एजेंटों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर विदेश भेजने के नाम पर चल रहे बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
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